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Gold से महंगा है आपका पर्सनल डेटा, हर 5 में 1 भारतीय का डेटा लीक की कगार पर


Personal Data : आने वाले दिनों में आपकी निजी जानकारी गोल्ड और ऑयल से भी महंगी बिकेगी. क्योंकि, इस जानकारी में आपकी बैंकिंग, मेडिकल और सोशल जानकारी होगी. इस जानकारी के जरिए अपराधी आपके साथ ठगी कर सकते हैं. साथ ही बड़ी-बड़ी कंपनियां जान सकती हैं कि किस समय आपको कौन से प्रोडक्ट की जरूरत है, जिसके बाद वो कंपनी टारगेट मार्केटिंग के जरिए आपने प्रोडक्ट आपको सेल करत सकती हैं.

आपने कई बार न्यूज में डेटा चोरी की खबर देखी या पढ़ी होगी. आपको बता दें साइबर क्रिमिनल इस डेटा के जरिए आपके साथ ठगी भी कर सकते हैं. ऐसे में यहां हम आपके लिए अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए टिप्स लेकर आए हैं, जिसके जरिए आप अपनी बैंकिंग, मेडिकल और सोशल जानकारी को सुरक्षित करके ठगी से तो बच सकते हैं. साथ में टारगेट मार्केटिंग से भी अपना बचाव कर सकते हैं.

कमजोर पासवर्ड

सिक्योरिटी एक्सपर्ट के मुताबिक ज्यादातर लोग अपने सोशल मीडिया अकाउंट या बैंकिग के लिए कमजोर पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं. लोग अक्सर अपने डेट ऑफ बर्थ या ऐसे पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं जिन्हें आसानी से ब्रीच किया जा सकता है. डेटा उल्लंघन के सबसे ज्यादा मामले कमजोर पासवर्ड के कारण ही होते हैं. ऐसे में अगर आप अपने डेटा को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो एक मजबूत पासवर्ड बनाएं. साथ ही अपने पासवर्ड को किसी के साथ शेयर न करें. इसके अलावा अपना पासवर्ड को अपने डिवाइस, गूगल शीट और एक्सेल पर सेव करने से भी बचें.

पुराने सॉफ्टवेयर का उपयोग न करें

पुराने सॉफ़्टवेयर में अक्सर लेटेस्ट सिक्योरिटी फीचर्स नहीं मिलते हैं. इस कारण उसमें सिक्योरिटी ब्रीच करना आसान होता है. कई बार लेटेस्ट सॉफ्टवेयर इस्तेमाल नहीं करने के कारण स्कैमर्स का शिकार बन जाते हैं. ऐसे में अपने डिवाइस को लेटेस्ट अपडेट के साथ अपग्रेड करें. हर अपडेट के साथ आपको लेटेस्ट सिक्योरिटी फीचर्स मिलते हैं.

फिशिंग ई-मेल ओपन करना

आज कल स्कैमर्स लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. ऐसे में वे कई बार फिशिंग ईमेल का सहारा लेते हैं. ईमेल मिलने पर लोग कई बार बिना सोच-विचार किए ही फिशिंग ई-मेल ओपन कर लेते हैं या फिर मेल में आए रैंसमवेयर अटैचमेंट को डाउनलोड कर लेते हैं. फिशिंग ई-मेल ओपन करना सबसे आम गलतियों में से एक है, यह स्कैमर्स को आपके डेटा तक एक्सेस देता है. इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप किसी भी संदिग्ध ईमेल को ओपन न करें और मेल के साथ अटैचमेंट को डाउनलोड न करें.

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